चौक बाजार, महाराजगंज बनी नगर पंचायत, जाने "नगर पंचायत" से संबंधित संपूर्ण जानकारी

महराजगंज जिले का चौक बाजार बना नया नगर पंचायत

चौक बाजार, महाराजगंज बनी नगर पंचायत, जाने "नगर पंचायत" से संबंधित संपूर्ण जानकारी


काफी समय से “चौक बाजार” गांव को नगर पंचायत में बदलने की बात कहीं जा रही थी। लेकिन ऐसा कब होगा? इसका किसी को भी अंदाजा नहीं था। चौक बाजार में पिछली बार जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे, तभी उन्होंने इसे नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी।

महराजगंज जिले का चौक बाजार नया नगर पंचायत बन गया है। इसके लिए शासन से अधिसूचना जारी हो गई है। इस नए नगर पंचायत में छह गांवों के 25 हजार की आबादी को लिया गया है।

सोहगीबरवा सेंक्चुरी के जंगल से सटे चौक बाजार में गोरक्षनाथ मंदिर है, जहां हर साल यहां खिचड़ी का प्रसिद्ध मेला लगता है। यहां वन विभाग के दो रेंज के कार्यालय के अलावा पीएचसी, पुलिस स्टेशन, महाविद्यालय, इंटर कालेज के अलावा कई निजी विद्यालय व व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। अकेले चौक बाजार की आबादी 10,000 (दस हजार) से अधिक है। चौक बाजार में पिछली बार जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे, तभी उन्होंने इसे नगर पंचायत बनाने की घोषणा की थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर बीते मार्च माह में जिला प्रशासन ने चौक बाजार को नगर पंचायत बनाने के लिए सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजा था। 

डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि चौक बाजार को नगर पंचायत बनाने की अधिसूचना जारी हो गई है। इसको लेकर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।


नगर पंचायत क्या होती है? (What is a Nagar Panchayat?)

नगर पंचायत क्या होती है?

यह शहरी स्थानीय निकाय के त्रिस्तरीय रूप में सबसे छोटी इकाई है नगरपालिका व्यवस्था के अनुसार नगर पंचायत को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है:-

ऐसे क्षेत्र जो ग्राम से शहरी क्षेत्र बनने की ओर अग्रसर है, नगर पंचायत के रूप में निर्धारित किये गए है


नगर पंचायत का गठन चुनाव प्रक्रिया (Composition and Election Process of Nagar Panchayat)

नगर पंचायत का गठन व चुनाव प्रक्रिया (Composition and Election Process of Nagar Panchayat)

  • नगर पंचायत का चुनाव नगरपालिका के निर्वाचन क्षेत्रो से प्रत्यक्ष रूप से होता है और सीटो का आवंटन चुने हुए प्रतिनिधियों को किया जाता है
  • नगरपंचायत का चुनाव 5 वर्ष के लिए होता है और अवधि समाप्त होने पर अथवा बीच में विधानमंडल द्वारा कार्यकाल बीच में भंग होने पर 6 महीने के भीतर ही चुनाव करने का प्रावधान है
  • नगरपालिका में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिये सीटें आरक्षित किये जाने का भी प्रावधान किया गया है
  • महिलाओ के लिए एक तिहाई सीटो को आरक्षित किया गया है (कुलसीटो का)
  • सभासदों द्वारा इसमें भी अध्यक्ष चुना जाता है जो 5 साल के लिए शासन करता है तथा क्षेत्र में विकास कार्यकराता है
  • प्रशासन के कार्यअधिशाषी अधिकारी द्वारा किये जाते है

उम्मीद है यह पोस्ट पढ़कर आपको नगर पंचायत से संबंधित कुछ जानकारियां जरूर मिली होंगी।

Post a Comment

0 Comments