दोस्तों नमस्कार, आप सब पाठकों में से किसी न किसी ने अपने कॉलेज या स्कूल में NSS के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया होगा। आज का आर्टिकल हम उन लोगों के लिए लेकर आए हैं जो राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के बारे में नहीं जानते हैं। आपको बता दें कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भारत सरकार की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे गांधीजी के शताब्दी वर्ष 1969 में शुरू किया गया था। यह कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा के अन्य संस्थानों में युवाओं का एक स्वैच्छिक संघ है। वे वित्तीय पुरस्कार या अन्य लाभों की अपेक्षा के बिना एक उद्देश्य के लिए काम करते हैं। यह योजना अब भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में है।
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| What is NSS | NSS kya hai |
NSS क्या है
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) भारत सरकार द्वारा संचालित एक स्वैच्छिक संगठन है। इसकी स्थापना 1969 में छात्रों को समुदाय की सेवा करने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। हर साल, भारत भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लगभग 30 लाख छात्र एनएसएस में भाग लेते हैं। एनएसएस उन सभी छात्रों के लिए खुला है जो विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में नामांकित हैं। प्रतिभागियों के लिए कोई आयु सीमा नहीं है। एनएसएस छात्रों के लिए अपने समुदायों को वापस देने और मूल्यवान कार्य अनुभव प्राप्त करने का एक शानदार तरीका है। यह नए लोगों से मिलने और नए दोस्त बनाने का भी एक शानदार तरीका है। एनएसएस में भाग लेना एक बहुत ही फायदेमंद अनुभव हो सकता है। यह दुनिया में बदलाव लाने और नए कौशल सीखने का अवसर है। यदि आप एनएसएस में शामिल होने के बारे में सोच रहे हैं, तो हम आपको ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं!
राष्ट्रीय सेवा योजना NSS का संक्षिप्त इतिहास
स्वतंत्रता की प्राप्ति के बाद से ही छात्रों को राष्ट्र सेवा के कार्यों में संलग्न करने के बारे मे विचार किया जाने लगा था। वर्ष 1950 में प्रथम शिक्षा आयोग ने छात्रो द्वारा स्वेच्छा से राष्ट्र सेवा के कार्य करने की संस्तुति की। वर्ष 1667 में राज्यों के शिक्षा मंत्रियो की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि छात्र विश्वविद्यालय स्तर पर मौजूदा नेशनल कैडेट कोर एव अन्य छात्रों की राष्ट्रीय सेवा योजना (N.S.S.) के कार्यक्रमों मे भाग लेने की छूट छात्रो को दी गयी।
NSS का लक्ष्य एवं उद्देश्य
राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सामाजिक चेतना को जागृत करना और उन्हें निम्नानुसार अवसर उपलब्ध कराना है :-
- लोगों के साथ मिलकर कार्य करना।
- स्वयंको सृजनात्मक और रचनात्मक सामाजिक कार्यों में प्रवृत्त करना।
- स्वयं तथा समुदाय की ज्ञान वृद्धि।
- समस्याओं को हल करने में स्वयं की प्रतिभा का व्यावहारिक उपयोग करना।
- प्रजातांत्रिक नेतृत्व को क्रियान्वित करने में दक्षता प्राप्त करना।
- स्वयं को रोजगार के योग्य बनाने के लिए कार्यक्रम विकास में दक्षता प्राप्त करना।
- शिक्षित और अशिक्षितों के बीच की दूरी को मिटाना।
- समुदाय के कमजोर वर्ग की सेवा के लिए स्वयं में इच्छा जागृत करना।
अवधि एवं पात्रता
रा० से० यो० NSS में पंजीकृत प्रत्येक पंजीकृत विद्यार्थी दो वर्ष तक सदस्य रहता है। प्रत्येक वर्ष में उसे कम से कम 120 घण्टे समाज सेवा का कार्य पूरा करना होता है। इस प्रकार दोनों वर्षों में कुल 240 घण्टे का नियमित कार्य का लक्ष्य पूरा कर लेने पर ही वह विभाग से प्रमाण-पत्र पाने का पात्र होता है।
प्रतीक चिन्ह
राष्ट्रीय सेवा योजना का बैज
NSS कैसे जॉइन करें
राष्ट्रीय सेवा योजना NSS का एकमात्र उद्देश्य युवाओं को सामुदायिक सेवा का अनुभव प्रदान करना है। NSS ज्वाइन करने के लिए छात्रों को अपने स्कूलों या कॉलेज में NSS के भर्ती फार्म भरने होतें है। NSS ज्वाइन करने के लिए किसी खास कोर्स की योग्यता होना आवश्यक नहीं है। कोई भी विद्यार्थी NSS को अपनी इच्छा अनुसार ज्वाइन करने के लिए स्वतंत्र है।
अगर आप चौक बाजार महराजगंज या उसके आसपास क्षेत्र के हैं तो गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय एवं दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज आपके लिए एक अच्छा विकल्प है। वहां के मुख्य NSS अध्यापक Mr. Dipendra Pandey, Mr. R.S Yadav जी से संपर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज चौक बाजार के स्वयं सेवक एवं स्वयं सेविकाओं द्वारा किए गए गतिविधियों की कुछ तस्वीरें।
आशा करते हैं की आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा और हमारे इस आर्टिकल ने NSS से सम्बंधित आपके सभी प्रश्नों का उत्तर दिया होगा फिर भी किसी भी डाउट के लिए आप कमेंट बॉक्स में हमसे पूछ सकते हैं। धन्यवाद !






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